सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर विचार के लिए मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

शैक्षणिक व्यवस्था सुधारने में शिक्षामित्रों की अहम भूमिका : समिति

ललितपुर। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद प्रदेश भर में शिक्षामित्रों
द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज तीसरे दिन भी
शिक्षामित्र संघर्ष समिति के तत्वाधान में बीएसए कार्यालय प्रांगण में
धरना प्रदर्शन किया गया। तदोपरान्त शिक्षामित्रों ने जुलूस की शक्ल में
बाबा सदनशाह की मजार पर पहुंच कर चादर चढ़ाते हुये मन्नत मांगी। इस दौरान शिक्षामित्रों ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी
मानवेन्द्र सिंह को सौंपा है।
ज्ञापन में शिक्षामित्रों ने बताया कि वर्ष 1999 में जब प्रदेश के
अधिकांश विद्यालय बंद थे, तब शिक्षामित्रों की नियुक्ति कर शैक्षणिक
व्यवस्था सुधारी गयी थी। तब शिक्षामित्रों को 1650 रुपये मानदेय मिलता
था। शिक्षामित्रों ने अपनी मेहनत से शिक्षा व्यवस्था को सुधारा, जिस कारण
उन्हें मानदेय बढ़ाकर 2250 रुपये दिया जाने लगा। बताया कि अन्य सरकारों
ने भी मानदेय बढ़ाया। बताया कि तब हम सभी सरकार, समाज व विभाग की नजर में योग्य शिक्षक थे। इसके पूर्व की सरकारों ने द्विवार्षिक पत्राचार बीटीसी
कराकर शिक्षक की शैक्षिक योग्यता तक पहुंचा कर सहायक अध्यापक पद पर
समायोजन किया था। बताया कि 25 जुलाई को उत्तर प्रदेश के लगभग 1 लाख 72
हजार शिक्षामित्रों के विगत 17 वर्षों के शैक्षणिक अनुभव एवं मेहनत को
दरकिनार करते हुये माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा जो फैसला सुनाया गया
है, उससे शिक्षामित्रों में रोष व्याप्त है। मांगों को लेकर
शिक्षामित्रों ने लोकसभा में नया अध्यादेश लाकर प्रदेश के सभी
शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक बनाये जाने, पूर्ण बहुमत की सरकार देने
के बाद अब शिक्षकों को अध्यापक सेवा नियमावली में संशोधन कर फिर से सहायक अध्यापक पद पर वापिस लिये जाने, उचित कार्यवाही न होने तक सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार समान कार्य का समान वेतन दिये जाने की मांग उठायी गयी। इस दौरान जिलाध्यक्ष भगवत सिंह बैस, मनोहर सिंह बुन्देला, बृजेश कुमार टोंटे, महेन्द्र कुमार दीक्षित, अरविंद सिंह, अनिल रजक, दुर्गेश नंदनी लोधी, उमा बाजपेयी, सुनीता, बबीता शुक्ला, सुनीता वर्मा, मीना कुमार,
नीतू वर्मा, बबीता साहू, रामकुमार राजपूत, कमला कुमारी, गीता चौबे,
मंजूलता, रश्मि देवी, संध्या जैन, अवन्ती रिछारिया, संध्या, विशेष,
अर्चना श्रीवास्तव, अंजना नामदेव, लक्ष्मी सेन, राजा बेटी, अनुराधा
श्रीवास्तव, सीमा रानी, मिथलेश तिवारी, संध्या दिवाकर, किरन कुमारी,
गायत्री रजक, रजनी नामदेव, सुखदेवी, आरती शाण्डिल्य, रश्मि दुबे, रैना
कुमारी सहित अनेकों शिक्षामित्र मौजूद रहे।

रिपोर्ट – अमित लखेरा 

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